नवीनतम प्रविष्टियां

Archive

मुक्ति व बंधन

हम सब आत्माए स्वभाव से ही नित्य शुद्ध, बुद्ध, मुक्त स्वभाव व सच्चिदानन्द है| जो हम स्वभाव से है उसे सदा अनुभव करना मुक्त है तथा जो हम नहीं है उसे अज्ञान, मिथ्याज्ञान, भ्रान्त ज्ञान या अल्पज्ञान के कारण या दूसरे शब्दों में कहें तो गलत ज्ञान, गलत अभ्यास एवं गलत विश्वासों के कारण अपना […]

० टिप्पणी
आगे पढ़ें
divider

योग-आन्दोलन

योग-आन्दोलन से हम इस धरती पर ऋषियों को पुनः स्थापित कर सुख: समृद्धि, आनन्द एवं शान्ति का साम्राज्य लायेंगे।

० टिप्पणी
आगे पढ़ें
divider

दुःख का निवारण कैसे करें

सब मनुष्यों व मनुष्येतर जोवो व सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में भगवान ने जो पूर्णता प्रदान की हुई है उसमें पूर्ण संतुष्ट सुखी व आनन्दित रहें तथा बीज रूप में परमेश्वर ने हमें जो दिव्य ज्ञान, दिव्य भाव, दिव्य सामर्थ्य तथा दिव्य साधन दिए हुए हैं इनका अपने पुरुषार्थ से विस्तार व विकास करें साथ ही वेदानुकूल […]

० टिप्पणी
आगे पढ़ें
divider

जीवन में संशय

बल का दुरुपयोग, ज्ञान का अनादर तथा विश्वास में संशय नहीं करना चाहिए। जीवन में संशय कम्प्यूटर के वायरस की तरह होता है।

० टिप्पणी
आगे पढ़ें
divider

आग्रह नहीं रखना

जीवन के क्षेत्रा में क्षितिज तक वे ही पहुँचते हैं जो आग्रह नहीं रखते। आग्रह हमें कुण्ठित एवं संकीर्ण बना देते हैं। आग्रह के टूटने पर सत्य का द्वार अनावृत होता है।

० टिप्पणी
आगे पढ़ें
divider

प्रकृति माँ

प्रकृति हमारी माँ है। इसकी रक्षा करो तथा वृक्ष हमारी रक्षा करने वाले पिता रूप हैं। इस जन्म में तुमने जितनी आॅक्सीजन ली है, उतनी आॅक्सीजन वृक्षारोपण करके प्रकृति को वापस लौटाओ।

० टिप्पणी
आगे पढ़ें
divider
अगला पृष्ठ