नवीनतम प्रविष्टियां

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पवित्र विचार

जिन पवित्र विचारों ने मुझे ऊँचा उठाया, मेरा आत्मविश्वास बढ़ाया व अग्निपथ पर आगे बढ़ाया, मैं आश्वस्त हूँ कि उन्हीं पवित्र विचारों से मेरे देश का प्रत्येक व्यक्ति जागेगा व देश का स्वाभिमान जगेगा।

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कैवल्य की अनुभूति

योग त्रिविदुःख की निवृत्ति का एक सार्थक पुरुषार्थ एवं त्रिगुणों के प्रतिसव के द्वारा कैवल्य की अनुभूति का एक मात्रा मार्ग है।

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योग-आन्दोलन

योग-आन्दोलन से हम इस धरती पर ऋषियों को पुनः स्थापित कर सुख, समृद्धि, आनन्द एवं शान्ति का साम्राज्य लायेंगे।

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अच्छे साधक

जगत् कल्याण के लिए सुधारक बनने से पहले एक अच्छे साधक बनना। साधक बन जाओगे तो सुधार तो स्वतः ही घटित होगा।

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जीवन-पुष्प

इन्सान का जन्म ही, दर्द एवं पीड़ा के साथ होता है। अतः जीवन भर जीवन में काँटे रहेंगे। उन काँटों के बीच तुम्हें गुलाब के फूलों की तरह, अपने जीवन-पुष्प को विकसित करना है।

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शाश्वत सिद्धान्त

संतुलन ही जगत व जीवन का शाश्वत सिद्धान्त है, संतुलन ही स्वास्थ्य है, भौतिक एवं भावनात्मक असंतुलन, अनियन्त्राण, अनियमितता व विषमता से ही सब रोगों का जन्म होता है।

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