धर्मात्मा व्यक्ति यदि निर्बल, कमजोर एवं गरीबी हालात में हो तो भी उससे डरना परन्तु भ्रष्ट बेईमान व अपराधी किस्म के लोग चाहे कितनी ही ताकत, सत्ता, शक्ति व सम्पत्ति के मालिक हों उनसे कभी भयभीत नहीं होना।