देश की हानि दुष्टों की दुष्टता से कम तथा सज्जन व्यक्तियों की उदासीनता से अधिक होती है। अतः अब मौन तोड़ो! स्वयं जागो! और देश को जगाओ!! और देश से आसुरी शक्तियों को परास्त करने के लिए आगे आओ!