ज्ञान की तरह ही हमारे जीवन में पुरुषार्थ की भी बड़ी महिमा है | जैसे ज्ञान के बिना जीवन अन्धकारमय होता है, वैसे ही पुरुषार्थ के बिना भी जीवन में कुछ भी शुभ संभव नहीं है|