विज्ञान तकनीकी एवं प्रबन्धन आदि की शिक्षा भारतीय भाषाओं व राष्ट्रभाषा हिन्दी में होनी चाहिए और देश के गरीब, मजदूर, किसान के बच्चों को भी  डाॅक्टर, इंजीनियर, आई.ए.एस., आई.पी.एस. व वैज्ञानिक बनने का हक मिलना चाहिए।