हमारा जीना व दुनियाँ से जाना दोनों ही गौरवपूर्ण होने चाहिए। कीर्तिर्यस्य स जीवति। कायर व कमजोर होकर नहीं अपितु स्वाभिमान व आत्मज्ञान के साथ जीवन को जियो।