जिसका जीवन निश्कलंक, पवित्र व बेदाग हो, जिसका वैयक्तिक, पारिवारिक, व्यवसायिक व सामाजिक जीवन सप्त मर्यादाओं की कसौटी पर खरा उतरता हो, जो दोहरे चरित्र में न जीकर निर्दोष जीवन के प्रति प्रतिपल सजग रहता हो, वह व्यक्ति पारदर्शी है। जिसके बाह्य एवं आन्तरिक जीवन में विरोधाभास न होकर पूर्ण शुचिता हो, वह पारदर्शी है।