अपने ऋषियों के संकल्पों को पूर्ण करना ही हमारा कर्त्तव्य है। हम प्रत्येक व्यक्ति के जीवन और व्यवस्था में वैदिक शिक्षा और संस्कारों का पूर्ण समावेश चाहते हैं।