मैं जो भी पा रहा हूँ, सब भगवान् का प्रसाद है। मैं भगवान् का पुत्र-पुत्री हूँ, वह विश्वनियन्ता ब्रह्माण्ड का रचयिता भगवान् मेरा पिता है, विश्व की सर्वोपरि सत्ता-शक्ति के आशीष, सदा मेरे शीश पर हैं।