कर्मफल कर्म करने वाले को ही मिलता है तथा उसका प्रभाव, परिणाम, लाभ, हानि, यश व अपयश आदि अन्य व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र व समष्टि को भी प्राप्त होता है।