धृति, कृति, स्मृति, धृति-मतलब अच्छा-बुरा विचार करने वाली बुद्धि, कृति-जो धृति में अच्छा है वो आप के मन में ऐसा बैठ जाये कि ये आप का संस्कार बन जाये, आप का अभ्यास बन जाये, स्मृति-एक क्षण भी अपने लक्ष्य की विस्मृति नहीं होनी चाहिये