राष्ट्र-धर्म सबसे बड़ा धर्म है। राष्ट्रदेव बड़ा देवता व राष्ट्रप्रेम सबसे उत्कृष्ट कोटि का प्रेम है। राष्ट्रहित सर्वोपरि है। राष्ट्र मेरा सर्वस्व है। इदं राष्ट्राय इदन्न मम। मेरा तन-मन-धन व जीवन राष्ट्रहित में समर्पित रहेगा।