गलत आहार का एक कण भी हमारे शरीर में ज़हर भर देता है, गलत विचार का एक क्षण भी हमारे दिमाग में ज़हर भर देता है। विचारों की अपवित्राता ही हिंसा, अपराध्, क्रूरता, शोषण, अन्याय, अधर्म और भ्रष्टाचार का कारण है।