हैल्थ, हैप्पीनेस एवं हर्मनी का माध्यम है योग| स्वास्थ्य, विश्वशान्ति एवं विश्व की समग्र स्थायी विकेन्द्रित एवं न्यायपूर्ण सात्त्विक समृद्धि का भी एकमात्र साधन है योग। यह योगविद्या ही पराविद्या, ब्रह्मविद्या या अध्यात्मविद्या है।