आत्मा जब परमात्मा की उपासना करता है तो भगवान् के दिव्य ज्ञान, दिव्य प्रेरणा, दिव्य सामर्थ्य, दिव्य सुख-शान्ति एवं दिव्य आनन्द से युक्त हो जाता है। भगवान् की दिव्यता से जुड़ना यही योग है।