श्रेणी पुरालेख | दैनिक विचार

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सम्पूर्ण आजादी

सम्पूर्ण आजादी के मूल में तीन प्रकार की आजादी ही प्रमुख हैं | राजनैतिक, आर्थिक व शैक्षणिक आजादी| यदि ये तीन प्रकार की हमें स्वाधीनता मिल जाए, तो हम अन्य स्वाधीनताए तो स्वयं प्राप्त कर सकते है |

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शक्ति तुम्हारे भीतर है

अंधेरों को उजालों में, दुःख को सुख में, प्रतिकूलता को अनुकूलता में व राजय को विजय में बदलने की शक्ति तुम्हारे भीतर है।

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उद्योग मन्दिरों

जैसे मन्दिर में एक दिन भी हड़ताल नहीं होती और नित्य प्रति मन्दिर के पट खुलते हैं, वैसे ही कारखानों, उद्योग मन्दिरों में हड़ताल नहीं होनी चाहिए। कारखानों की हड़ताल को हमें देशद्रोह जैसे अपराध् की तरह देखना चाहिए।

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नया इतिहास

पुरुषार्थ की महत्त्व

ज्ञान की तरह ही हमारे जीवन में पुरुषार्थ की भी बड़ी महिमा है | जैसे ज्ञान के बिना जीवन अन्धकारमय होता है, वैसे ही पुरुषार्थ के बिना भी जीवन में कुछ भी शुभ संभव नहीं है|

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ध्येय की ओर आगे बढे

जब तक दम में दम है, व्यक्ति को बेदम नहीं होना चाहिए। दृढ़ता व पवित्रता के साथ ध्येय की ओर आगे बढ़ते रहना चाहिए आपको एक दिन सपफलता अवश्य मिलेगी।

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