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निष्काम कर्म

कर्म ही मेरा धर्म है। कर्म ही पूजा है। कर्म ही जीवन व जगत का सत्य है। निष्काम कर्म, कर्म का अभाव नहीं, अपितु कर्त्तव्य के अहंकार का अभाव होता है।

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सम्पूर्ण स्वास्थ्य

कर्म ही मेरा धर्म

कर्म ही मेरा धर्म है। कर्म ही पूजा है। कर्म ही जीवन व जगत का सत्य है। निष्काम कर्म, कर्म का अभाव नहीं, अपितु कर्त्तव्य के अहंकार का अभाव होता है।

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अमीर व महान्

विचारवान् व संस्कारवान् ही अमीर व महान् है तथा विचारहीन व संस्कारहीन ही कंगाल, दरिद्र व बदनाम है।

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महान् कार्य

भगवान् महान् कार्य करने के लिए तुम्हारा चयन करना चाहते हैं। तुम उस विराट् को अपने भीतर समग्रता से उतरने तो दो।

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समानांतर सच

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