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समानांतर सच

धर्मात्मा व्यक्ति

धर्मात्मा व्यक्ति यदि निर्बल, कमजोर एवं गरीबी हालात में हो तो भी उससे डरना परन्तु भ्रष्ट बेईमान व अपराधी किस्म के लोग चाहे कितनी ही ताकत, सत्ता, शक्ति व सम्पत्ति के मालिक हों उनसे कभी भयभीत नहीं होना।

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भारतीय दर्शन

हमारा वैदिक समाजवाद एवं अध्यात्मवाद एक संतुलित सार्वभौतिक व वैज्ञानिक संपूर्ण दर्शन है। भारतीय दर्शन में स्वयं के सुख से अधिक दूसरों के हित का चिन्तन है।

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Divinity

बात का सच्चा

रस व वासना पर उपासना द्वारा विजय प्राप्त करना। जो बात का सच्चा वलंगोटी का पक्का होता है, उसको दुनियाँ की कोई भी ताकत हरा नहीं सकती।

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नशा मुक्त भारत बनाएंगे

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