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कार्य कैसे करे

जो भी कार्य करे पर्फ़िक्शन, वैज्ञानिक, लॉंग विश़न के साथ करे| समूह में कार्य करे और सामूहिक श्रेय ले और कभी अहंकार न करे|

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उद्योग विकास के मन्दिर

उद्योग माँ भारती के विकास के ऐसे मन्दिर हैं जहाँ कर्मचारी रूपी पुजारी अपने कर्म (काम) पुरुषार्थ रूपी पूजा से माँ भारती की वन्दना करते हैं और देश को समृद्ध  व शक्तिशाली बनाते हैं।

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जीवन में संतोष का महत्व

पूर्ण परिश्रम के उपरांत जो कुछ भगवान के क्रम फल के अनुरूप हमें मिलता है, उसमे संतुष्ट रहना| भवान के क्रम फल व्यवस्था के अनुरूप जो हमने पुरुषार्थ किया, वो हमें मिलता है, उसमे संतुष्ट रहना हैं और उसको भी सेवा में ही लगाना संतोषी सदा सुखी|

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मृत्यु समाधान नहीं

मृत्यु समाधान नहीं, क्योंकि मरकर पुनः जन्म लेना सुनिश्चित है, अतः दुनियाँ से भयभीत होकर, अपनों की पीड़ा एवं विश्वासघात से आहत होकर अवसाद में मृत्यु को स्वीकारना मूर्खतापूर्ण होगा।

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गुरु पूर्णिमा

गुरु तत्व सबके जीवन में घटित हो इसलिए हम गुरु पूर्णिमा का पर्व मना रहे हैं| जो गुरु तत्व है, गुरु सत्ता है, ऋषि सत्ता, ऋषि तत्व है, भागवत तत्व, भागवत सत्ता है वो हमारे माध्यम से प्रकट हो जाए, हमारे भीतर अभिव्यक्त हो जाए, ये है गुरु परंपरा, ये है गुरु पर्व, ये है […]

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अध्यात्म के मार्ग

सच्चा नाम, सच्चा काम, सच्ची पहचान और सच्ची प्रतिष्ठा आप अध्यात्म के मार्ग पर चलकर भी पा सकते हैं|

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