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विचारों की भीड़

भीड़ में खोया हुआ इंसान खोज लिया जाता है परन्तु विचारों की भीड़ में बीहड़ में भटके हुए इंसान का पूरा जीवन अंध्कारमय हो जाता है।

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जीवन की प्रत्येक प्रभात

जीवन की प्रत्येक प्रभात मेरा एक नया जन्म है और मेरा एक दिन मेरे लिए एक जीवन के बराबर है। मैं आज ही वह सब कुछ करूँगा जिसके लिए मेरे परमात्मा ने इस धरती पर मुझे जन्म दिया है।

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मृत्यु समाधान नहीं

मृत्यु समाधान नहीं, क्योंकि मरकर पुनः जन्म लेना सुनिश्चित है, अतः दुनियाँ से भयभीत होकर, अपनों की पीड़ा एवं विश्वासघात से आहत होकर अवसाद में मृत्यु को स्वीकारना मूर्खतापूर्ण होगा।

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श्रद्धा माँ-विश्वास पिता

श्रद्धा माँ, और विश्वास पिता है। श्रद्धा सत्य ज्ञान की उपलब्धि एवं परमशक्ति का सोपान है। श्रद्धा आध्यात्मिक जीवन का अभिषेक तत्व है।

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मोह-माया के बन्धन

सत्संग, स्वाध्याय, श्मशान एवं संकट के समय जैसी व्यक्ति की मति होती है वैसी ही बुद्धि यदि सदा स्थिर हो जाए तो जीव मोह-माया के बन्धन से मुक्त हो जाता है।

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जीवन में क्षितिज

जीवन के क्षेत्र में क्षितिज तक वे ही पहुँचते हैं जो आग्रह नहीं रखते। आग्रह हमें कुण्ठित एवं संकीर्ण बना देते हैं। आग्रह के टूटने पर सत्य का द्वार अनावृत होता है।

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